ॐTiwari
Tuesday, 29 October 2019
फिजाओं में फैला इतना ज़हर क्यों हैं
धुवा धुवा सा अब ये जीवन क्यों हैं
डरा डरा सा अब ये दिल क्यों हैं
कौन हैं जो बिछड़ने लगा हैं
खामोश ये इतना मन क्यों हैं
न चैन हैं न करार हैं
ये मौसम इतना बेक़रार क्यों हैं
न चलती हैं हवाएं न लहराते हैं पत्ते
फिजाओं में फैला इतना ज़हर क्यों हैं
Sunday, 27 October 2019
देहरी पर रक्खा दिप तुम्हे पुकारे हैं । ये सीमाएं देश की बस तेरे सहारे हैं ।।
देहरी पर रक्खा दिप तुम्हे पुकारे हैं ।
ये सीमाएं देश की बस तेरे सहारे हैं ।।
ये दीपावली देश के उन शूरवीरों के नाम जो हम सब और भारत माता के सुरक्षा के लिए कुर्बान हो जाते हैं
#Happy_Diwali_To_All
🇮🇳 जय हिन्द जय भारत 🇮🇳
Friday, 18 October 2019
बसाया हैं दिल मे सब से छुपाकर । आया हैं मज़ा तेरे इश्क़ में नहाकर ।।
बसाया हैं दिल मे सब से छुपाकर ।
आया हैं मज़ा तेरे इश्क़ में नहाकर ।।
प्यार का शरीर की भूख से नहीं आत्मा से वास्ता हैं ♦️प्यार सुकून पाने का और दर्द भगाने का रास्ता हैं ♦️प्यार दो आत्मा का एक संगीत है! ♦️प्यार कोई श्राप नहीं ईश्वर का वरदान है! Copyright :- #ॐTiwari
♦️प्यार का शरीर की भूख से नहीं आत्मा से वास्ता हैं
♦️प्यार सुकून पाने का और दर्द भगाने का रास्ता हैं
♦️प्यार दो आत्मा का एक संगीत है!
♦️प्यार कोई श्राप नहीं ईश्वर का वरदान है!
Monday, 14 October 2019
कोई न आएगा काम तेरे , यहाँ सब बराती हैं
दुनिया फ़रेब , लोग विश्वास घाती हैं !
चेहरे पर मासूमियत , अंदर से करामाती हैं ।।
संभलकर चलना , दुनियां की राहों में ।
टांग खीचने वाले , सारे घराती हैं ।।
मीठा बोलकर , लूट लेंगे ।
कोई न आएगा काम तेरे , यहाँ सब बराती हैं ।।
‹
›
Home
View web version