Friday, 22 November 2024

ख़यालों ही ख़यालों में एक ख़याल आया

 ख़यालों ही ख़यालों में एक ख़याल आया


क्या तुम्हें कभी मेरा ख़याल आया…?


कितने टुकड़ों में टूटकर बिखरे हैं 


क्या कभी ये ख़याल आया…?


कैसे कटता होगा दिन कैसे कटती होगी रात


क्या कभी


ये ख़याल आया…?


दर्द और आँसुओ में कितने पन्ने बह गए 


क्या कभी ये ख़याल आया…?


कभी तो तेरा भी मुझसा हाल होगा


क्या कभी ये ख़याल आया…? 


Writer:- Presha Virani


#everyonehighlightsfollowers

#ख़यालों ही ख़यालों में एक ख़याल आया


क्या तुम्हें कभी मेरा ख़याल आया…?


कितने टुकड़ों में टूटकर बिखरे हैं 


क्या कभी ये ख़याल आया…?


कैसे कटता होगा दिन कैसे कटती होगी रात


क्या कभी ये ख़याल आया…?


दर्द और आँसुओ में कितने पन्ने बह गए 


क्या कभी ये ख़याल आया…?


कभी तो तेरा भी मुझसा हाल होगा


क्या कभी ये ख़याल आया…? 



Sunday, 27 October 2024

 दिल में लिए यादों का समंदर 

होठों पर उनके तराने लिए तू बस गीत नए कुछ छोड़ 


प्यार वफ़ा वादे खो गए हैं कही , तू चल उनको खोज 

राहे हैं बड़ी बेवफ़ा उनकी , ओमकार तू ख़ुद को उस और न मोड़ 


लूटा दे ज़िंदगी अब उनपर जो तेरे हैं , दूसरो की अब तू चिंता छोड़ 

लिख कोई अब नए धड़कते तराने , ये चुप्पी अब तोड़ 


देख यहाँ जो तेरे अपने हैं , वो बुला रहे कर कर के शोर 

मिला ले आँसुओ से आंसू दोस्तों के , फिर कोई नग़मे नए तू जोड़ 


#स्वयं_रचित_ओमकार 

#Copyright_Omkar

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