जब मन भर जाए तो बहाने बना देते हैं
अब इश्क़ में कितने फ़साने बना देते हैं
इतना तो जुर्म भी नहीं होता अपना
जितना के लोग अफ़साने बना देते हैं
बिन मतलब के मूसीवत में जिनके लिए काम आए
वही अपने मुसबीत में अंजाने बना देते हैं
सच्चे दिल से जिन्हें खुदा मानकर प्यार किया
अब के जमाने में वही हमे बेगाने बना देते हैं
@highlight
everyonefollowme

No comments:
Post a Comment