बहकती ही जा रही , अब ये आबों हवा !!
बचकर कहाँ जाऊँ तेरी नज़रों को हर जगह पाता हुँ !!
देखना एक दिन तड़पकर आओगे !!
मुझे समझ आ गया ये तेरे आंसुओं का गहना !!
Copyright:- #ॐTiwari
सफ़र मे ज़िंदगी के, न किसी को फँसाकर जियो !