Monday, 31 January 2022

तेरा दर्द चाहिए



सुनो हमें तेरा प्यार नहीं , तेरा दर्द चाहिए !

जो रिश्ता कभी न टूटे ऐसा एक मर्ज़ चाहिए !!


तेरे आंसुओं में जी मर सकूँ !

बस मुझे ऐसा एक क़र्ज़ चाहिए !!


हक़ से जिसे मैं अपना कह सकूँ !

ऐसा एक फ़र्ज़ चाहिए !!

Monday, 24 January 2022

घनघोर अंधियारा हैं कोई दीप जलाता ही नहीं !! लगता हैं इस राह , कोई आता ही नहीं !!


घनघोर अंधियारा हैं कोई दीप जलाता ही नहीं !!

लगता हैं इस राह , कोई आता ही नहीं !!

Saturday, 22 January 2022

सुना हैं तेरी दुवा क़बूल हो जाती हैं ! दुवा करना के मेरी मौत से मुलाक़ात हो जाए !!


सुना हैं तेरी दुवा क़बूल हो जाती हैं !

दुवा करना के मेरी मौत से मुलाक़ात हो जाए !!

Tuesday, 18 January 2022

पराई अमानत

 न जाने क्यों अब तेरा ,

हर घड़ी इंतज़ार रहता हैं !

जानता हूँ तु पराई अमानत  हैं , 

फिर भी ये दिल तेरे लिए  बेक़रार रहता हैं !


ढूँढता हूँ जिस चाहत को ,

न जाने क्यों दिल वो तु ही हैं ये कहता हैं 

खो न जाए इस दुनिया में फिर कहीं 

बस यहीं मलाल रहता हैं 


प्यार करना जुर्म हैं पराई अमानत से 

इस लिए ये दिल ख़ामोश रहता हैं 

पता हैं सारे बंधन , फिर भी न जाने क्यों 

हर पल मेरे लबों पर इकरार रहता हैं 


Saturday, 15 January 2022

हम किसी पर मरते हैं , वो किसी और पर ! ये राज़ मोहब्बत में , उलझा हर नारी नर !!

 हम किसी पर मरते हैं , वो किसी और पर !

ये राज़ मोहब्बत में  , उलझा हर नारी नर !!


Friday, 14 January 2022

Thursday, 13 January 2022

मोहब्बत कर के किसी और से मुझसे छुपाना , ऐ खुदा अब तो तु मेरी धड़कन रुकना !

 


मोहब्बत कर के किसी और से मुझसे  छुपाना ,

 ऐ खुदा अब तो तु मेरी धड़कन रुकना !

इन आँसुओ में तुझसे रोज़ बात होती हैं

तुझसे बात नहीं होती क्या 


इन आँसुओ में तुझसे रोज़ बात होती हैं 


रकख़ा हैं सम्भालकर तेरी यादों को 

अब तो वहीं पर तेरी और मेरी मुलाक़ात होती हैं 


दिल को सम्भाल लेता हूँ 

जब जब तेरी सूरत आभास होती हैं 


वैसे तो सारे लोग हैं साथ  

पर एक तेरी कमी मुझे दिन रात होती हैं 


प्यार हमसे और वफ़ादारी किसी और से देखा हैं हमने तुम्हें बेवफ़ा होते हुवे बड़े गौर से


 प्यार हमसे और वफ़ादारी किसी और से 

देखा हैं हमने तुम्हें बेवफ़ा होते हुवे बड़े गौर से 

Sunday, 9 January 2022

शहर में तेरे आकर , तुझको ना देखा तो क्या देखा ! चलती हैं मेरी साँसे तुझसे , तु ही मेरी जीवन रेखा !!


शहर में तेरे आकर , तुझको ना देखा तो क्या देखा !

चलती हैं मेरी साँसे तुझसे ,  तु ही मेरी जीवन रेखा !!

सच्चा इंसान रह गया अकेला , झूठे के पास लगा हैं मेला ! यहाँ जीतेगा वहीं , जिसने खेल हैं खेला !!

सच्चा इंसान रह गया अकेला ,

झूठे के पास लगा हैं मेला !

यहाँ जीतेगा वहीं ,

जिसने खेल हैं खेला !!


Thursday, 6 January 2022

महफ़िलों की रौनके , बताती हैं मेरी आवारगियाँ ! हमने भी यूँही किसी पन्ने पर श्याहि व्यर्थ नहीं की !!


महफ़िलों की रौनके , बताती हैं मेरी आवारगियाँ !

हमने भी यूँही किसी पन्ने पर श्याहि व्यर्थ नहीं की !!

हँसी ख़ुशी से जीने दो यारों , यूँ तो ग़म बहोत हैं जीने में ! हँस लेते हैं चंद पल तुम्हारी बातों में , यूँ तो दर्द बहोत हैं सिने में !!


हँसी ख़ुशी से जीने दो यारों , यूँ तो ग़म बहोत हैं जीने में !

हँस लेते हैं चंद पल तुम्हारी बातों में , यूँ तो दर्द बहोत हैं सिने में !! 


हँसी मज़ाख की बातों से आवारा न समझो यारों !

नेक दिल इंसान हुँ , महक उठता हैं मेरा भी घर पसीने में !!


अकेला राहीं हुँ अपनी मंज़िल का , क्या हुवा जो कोई साथ नहीं !

और क्या कहूँ साथ मेरे बस , दो वक्त की रोटी और आँसू हैं पीने में !