Thursday, 28 November 2019

आकार यादों में




आकर यादों में ,  यूँ सताया न करों ।
ऐसे दिल का हाल ,  बताया न करों ।।

नहीं रहता होश फिर बाकी मुझमे ।
लगाकर चाँद माथे पर आया न करों ।।

दिल पर रहता नहीं काबू  मेरा ।
यूँ कमर अपनी लचकाया ना करों ।।

करवटों में ही गुजर जाती हैं रात ।
यूँ सज धज कर दिखाया ना करों ।।

ढूंढता हूँ तुझे न जाने कहाँ कहाँ ।
अपनी खुशबू हमे सुंघाया ना करों

मैं तो क्या लूट जाते हैं  ये दुनियाँ वाले भी ।
यूँ अपनी चमक , बिखराया ना करों ।।

#ॐTiwari

दे उन्हें भी कुछ सज़ा हे ऊपर वाले जो हैं दूसरों का दिल दुखाकर हँसने वाले

दे उन्हें भी कुछ सज़ा हे ऊपर वाले
जो हैं दूसरों का दिल दुखाकर हँसने वाले

नारी तू महान हैं

देखा हैं चुप चुप सिसकते हुवे
अरमानो को घर मे जलते हुवे
कई अरसे बीत गए उनके
होंठो पर हँसी खिलते हुवे

पेट की आग ने जला दिया
लोगों के ताने ने रुला दिया
पिलाती रही जिस जिस को प्यार के घुट
उन्हीं ने आँसू पिला दिया

सहती रही सब कुछ हँस कर
नहीं कहा उसने कभी बस कर
समझा ही नहीं कभी उसको किसीने
रख दिया उसको बस मसलकर

कब उसको जीवन का नया अध्याय मिलेगा
एक नया प्यार का पर्याय मिलेगा
नारी तू महान हैं ,
न जाने कब तुझको यहाँ न्याय मिलेगा 

Tuesday, 26 November 2019

तकलीफ तो सबको हैं पर जो खुद की तकलीफ भूलकर दुसरो को मदत करे वही सच्चा इंसान हैं

तकलीफ तो सबको हैं
पर जो खुद की तकलीफ भूलकर
दुसरो को मदत करे
वही सच्चा इंसान हैं


Sunday, 24 November 2019

अब संसार मे इतना किल्लत क्यो हैं

अब संसार मे इतना किल्लत क्यो हैं
बड़ो का हो रहा जिल्लत क्यों हैं
जाना हैं जब  सब को वही
फिर लोगों का बुरा  ख़सलत क्यो हैं

लोगों में इतनी नफरत क्यों हैं
भरी इतनी ग़फ़लत क्यो हैं
क्यों हैं सब जुदा जुदा
कोई तो बताए ये इल्लत क्यों हैं

घर घर मे आज अदालत क्यों हैं
नियत आज सबकी गलत क्यो हैं
ए ख़ुदा अब तू ही समझा
फैला इतना जहालत क्यों हैं

Saturday, 23 November 2019

एकटं एकटं राहून


एकटं एकटं राहून
काय  मिळवल्स
आठवण माझी
काढतच राहिल्स

ते तुझ लाजण  , ते तुझ रुसणं
आठवण आहे का ति गोष्ट प्रेमाची
एका हट्ट साठी ते मला सोडन तुझ
आठवत का तुला ते रड़न माझ 

माझ्यासी लांब गेलिस
या मनातन कुठ गेलिस
स्वप्न एक सुंदर दाखवून
तू नात तोडून गेलिस


Thursday, 14 November 2019

हर नज़र को एक नज़र चाहिए

हर नज़र को एक नज़र........

हर नज़र को एक नज़र चाहिए
हर दिल को एक धड़कन
हम भी दिल लेकर आये हैं
हमे भी एक दिलदार चाहिए

 हर नज़र को एक नज़र........

हर रूह को एक ज़िस्म चाहिए
हर ज़िस्म को एक पारखी निगाह
हम भी फरमान लेकर आये हैं
हमे भी एक निगाह चाहिए

हर नज़र को एक नज़र........

हर प्यार को एक प्यार चाहिए
हर भटके को एक राह
हम भी अरमान लेकर आये हैं
हमे भी एक राह चाहिए

हर नज़र को एक नज़र........

वो यादों का ढेरा न तेरा न मेरा दिल से दिलों का मेला हाय वो बचपन सुनहरा

वो यादों का ढेरा
न तेरा न मेरा
दिल से दिलों का मेला
हाय वो बचपन सुनहरा

न धर्म का चोला
सभी को अपना बोला
पाया खुद को दूसरों के घर
जब जब बचपन ने आँख खोला

न था किसी से किसी का बैर
अपना हो जाता जो भी था गैर
पल में रूठना पल में मानना
करते हम सभी का खैर

वो बचपन आज भी याद आता हैं
सोचकर आँख भर आता हैं
वो मासूम सी हँसी वो मासूस सी बातें
ज़िन्दगी के भागदौड़ में न जाने कब बचपन गुज़र जाता हैं

Friday, 1 November 2019

अपना ही कोई अपना होने से मुकरने लगा हैं

मौसम बेवफाई का फिज़ाओ में घुलने लगा हैं ।
टूटकर डाली से पत्ता बिछड़ने लगा हैं ।।

सच्चाई की यहाँ कोई मूरत नहीं ।
सब के दिलों में एक झूठ पलने लगा हैं ।।

यहाँ किसी को किसी की कद्र नहीं ।
सब के मन मे पाप पनपने लगा हैं ।।

चला हैं ऐसा चलन प्यार का ।
की कोई कहीं और संवरने लगा हैं ।।

संभाले भी कोई किसी तरह खुद को ।
अपना ही कोई अपना होने से मुकरने लगा हैं ।।